१. स्वामी चन्द्रशेखर गिरि बालिका विद्यालय मठ-लार,
देवरिया।
२. श्री देवराष्ट्र भाषा लघु मा० विद्यालय मठ-लार, देवरिया।
३. स्वामी देवानन्द इण्टर कॉलेज मठ-लार, देवरिया।
४. स्वामी देवानन्द संस्कृत महाविद्यालय मठ-लार, देवरिया। ५. स्वामी देवानन्द
स्नातकोत्तर महाविद्यालय मठ-लार, देवरिया।
श्रद्धेय चन्द्रशेखर गिरि जी महाराज के साथ महाविद्यालय के संस्थापक प्राचार्य स्व०
पवहारी शरण द्विवेदी ने अपने विलक्ष्ण प्रतिमा और कठिन अनुशासन के बल पर
महाविद्यालय की गरिमा को उच्च शिखर पर स्थापित करने का अविश्मरणीय कार्य किया है।
सन् ..................., में श्रद्वेय चन्द्रशेखर गिरि जी महाराज ब्रहम में विलीन
हो गये। उसके बाद उनके शिष्य एवं इस मठ के ............... वें महन्थ स्वामी भगवान
गिरि जी महाराज इस संस्था की बांगडोर सम्भाली, और उन्होंने विकास की ऐसी गंगा बहायी
जो अविरल आज भी अपने वास्तविक गति से बह रही है। मात्र ७ कक्षा से अपनी पहचान शुरू
करने वाले महाविद्यालय के पास आज खुद की विशाल पहचान है। अत्याधुनिक उपकरणों से
सुसज्जित प्रयोगशालाएं, भव्य अध्ययन कक्ष, एवं बृहद क्रीड़ांगन इसका अंलकार है।
योग्य प्रशासन, व विद्वत्व शिक्षक समूह इसके बेसकीमती आभूषण है। वर्तमान प्रबन्धक
स्वामी भगवान गिरि एवं प्राचार्य डा० आनन्द कुमार शुक्ल की निःस्वार्थ सेवा योग से
भारत वर्ष को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट बनाने के लिए महाविद्यालय का
उत्तरोत्तर विकास किया जा रहा है। ऐसे महापुरुषों की इस तपोभूमि पर उपस्थिति
निःसेदेह है। महाविद्यालय, क्षेत्र एवं राष्ट्र की समृद्धि का द्योतक होगा।
बारम्बार नमन है। इस भूमि को